उज्जैन महाकाल की शाही सवारी 2026: जानिए कहाँ से निकलेगी और किस मार्ग से होकर गुज़रेगी
सावन माह में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी उज्जैन की सबसे भव्य और प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में से एक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से उज्जैन पहुंचते हैं। यदि आप भी शाही सवारी में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इसका पूरा मार्ग जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है।
शाही सवारी कहाँ से शुरू होगी?
महाकाल की शाही सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से दोपहर बाद पारंपरिक पूजा-अर्चना के पश्चात प्रारंभ होती है। बाबा महाकाल चांदी की पालकी में नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं।
महाकाल शाही सवारी का प्रमुख मार्ग
शाही सवारी आमतौर पर इस मार्ग से होकर गुजरती है:
- 🔱 श्री महाकालेश्वर मंदिर
- 🔱 गुदरी चौराहा
- 🔱 बक्षी बाजार
- 🔱 कहारवाड़ी
- 🔱 रामघाट
- 🔱 नदी दरवाजा
- 🔱 ढाबा रोड
- 🔱 मिर्जा नईम बेग मार्ग
- 🔱 तैलीवाड़ा
- 🔱 कंठाल
- 🔱 सती गेट
- 🔱 गोपाल मंदिर
- 🔱 पटनी बाजार
- 🔱 पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर
नोट: प्रशासन द्वारा सुरक्षा या यातायात व्यवस्था के अनुसार मार्ग में बदलाव किया जा सकता है।
शाही सवारी देखने का सबसे अच्छा स्थान
यदि आप बिना अधिक भीड़ के अच्छे दर्शन करना चाहते हैं, तो इन स्थानों का चयन कर सकते हैं:
- रामघाट
- गोपाल मंदिर
- पटनी बाजार
- कंठाल
- महाकाल मंदिर के आसपास का क्षेत्र
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुझाव
- सुबह या दोपहर में ही अपने स्थान पर पहुंच जाएं।
- बारिश की संभावना होने पर छाता या रेनकोट साथ रखें।
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- वाहन पार्किंग निर्धारित स्थान पर ही करें।
⚠️ श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना
महाकाल की शाही सवारी में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसलिए सभी भक्तों से अनुरोध है कि शाही सवारी शुरू होने से कम से कम 2–3 घंटे पहले अपने निर्धारित स्थान पर पहुंच जाएं।
- 🚧 सवारी शुरू होने से पहले कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बंद कर दिया जाता है।
- 👥 समय के साथ भीड़ बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
- 📍 अच्छे दर्शन के लिए अपना स्थान पहले से सुनिश्चित कर लें।
- ☔ सावन का मौसम होने के कारण छाता या रेनकोट साथ रखें।
- 🙏 प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें।
हर हर महादेव!